Showing posts with label मुक्तक. Show all posts
Showing posts with label मुक्तक. Show all posts

09 April, 2022

मुक्तक | धूप को धूप जो नहीं लगती | डॉ (सुश्री) शरद सिंह

मुक्तक
पी के पानी भी,प्यास है जगती।
छांह भी आजकल मिले तपती।
क्यों दया  आएगी भला उसको
धूप  को  धूप  जो  नहीं  लगती।
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह

26 April, 2021

मेरे अश्क़ तुझसे हैं पूछते | मुक्तक | डॉ शरद सिंह

मेरे अश्क़  तुझसे  हैं  पूछते
मेरा क्या गुनाह है मुझे बता
जो बता सको न मुझे कभी
करो और ग़म न मुझे अता
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह

 #Ghazal #शेर #Shayri #Poetry 
 #Literature #शरदसिंह #डॉशरदसिंह #डॉसुश्रीशरदसिंह
#SharadSingh #ShayariLovers 
#World_Of_Emotions_By_Sharad_Singh

25 April, 2021

उदास शाम | मुक्तक | डॉ शरद सिंह

उदास शाम का तोहफ़ा मुझे दिया उसने
ख़ुशी भरी जो सुब्ह दे तो शुक्रिया मैं कहूं !

जले जो  साथ  मेरे,  रात  भर  अंधेरे  में
दिले-चराग़ कहूं, उसको इक दिया मैं कहूं
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह

 #Ghazal #शेर #Shayri #Poetry 
 #Literature #शरदसिंह #डॉशरदसिंह #डॉसुश्रीशरदसिंह
#SharadSingh #ShayariLovers 
#World_Of_Emotions_By_Sharad_Singh