15 May, 2026

इश्क की इंतिहा, डॉ (सुश्री) शरद सिंह, शायरी

इश्क़ की इंतिहा नहीं होती
इश्क़ में इम्तिहान होते हैं।
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह

#शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश्रीशरदसिंह 
#DrMissSharadSingh #Shayari #ghazal #shyarilovers #shayariofdrmisssharadsingh

11 May, 2026

और कितने इम्तिहां । डॉ (सुश्री) शरद सिंह, शायरी

अर्ज़ है...
और कितनी बंदिशें अब और क्या पाबंदियां?
ज़िंदगी में और कितने, और कितने इम्तिहां ?
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह

#डॉसुश्रीशरदसिंह #DrMissSharadSingh #शायरी #ग़ज़ल #shayari

28 March, 2026

इंतज़ार रहता है | डॉ (सुश्री) शरद सिंह | शायरी

सुबह   से   शाम  तेरा  इंतेज़ार  रहता है।
तू आएगा ये हवाओं का रुख भी कहता है।
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह
#डॉसुश्रीशरदसिंह #DrMissSharadSingh #शायरी #इंतज़ार #हवाओं #रुख़ #रहताहै #कहताहै

30 January, 2026

कविता | दिया कहता है | डॉ (सुश्री) शरद सिंह

कविता 
दिया कहता है  
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह

टूटे दरवाज़े से
झांकता दिया
उम्मीद की 
रोशनी को थामे
मानो कहता है
कि सब कुछ
नहीं हुआ है ख़त्म
अंधेरा गहरा ही सही
हारेगा ज़रूर
क्योंकि 
अंधेरे की नियति है
हारना
और 
उजाले की जीतना...
यदि ऐसा नहीं होता
तो सूरज
कभी नहीं उगता।
------------------
#poetryislife #poetrylovers  #poetryloving  #mypoetry  #डॉसुश्रीशरदसिंह #काव्य  #कविता  #World_Of_Emotions_By_Sharad_Singh  #DrMissSharadSingh  #poetrycommunity #दिया #रोशनी #अंधेरा #नियति #उजाला #सूरज  #broken  #Door #light  #darkness  #destiny #brightness  #Sun

22 January, 2026

कविता | भ्रम-3 | डॉ (सुश्री) शरद सिंह

कविता 
भ्रम-3 
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह

यह भी तो
एक भ्रम है
कि सोचते हैं
ज़िंदगी को
जी रहे हैं हम
जबकि
जी रही होती है
ज़िंदगी हमें,
हमारी
एक-एक सांस
एक-एक पल
एक-एक ख़्वाब को
हमारे जाने बिना,
हमें
अपने ऋण से
करती हुई उऋण

जिस दिन 
चुक जाता है 
पूरा ऋण 
उस दिन ज़िंदगी 
कर देती है मुक्त हमें
हमेशा के लिए
 
और हमारे सहित सभी 
रहते हैं इसी भ्रम में कि 
हमने जी ली ज़िंदगी।
-------------------
कविता | भ्रम -3 | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
#poetryislife #poetrylovers  #poetryloving #mypoetry  #डॉसुश्रीशरदसिंह  #काव्य #कविता  #World_Of_Emotions_By_Sharad_Singh  #DrMissSharadSingh  #poetrycommunity #भ्रम #सांस  #ख़्वाब #पल #ऋण #उऋण  #illusions  #breathe #dreams #moments #debt  #DebtFree

कविता | भ्रम -2 | डॉ (सुश्री) शरद सिंह

कविता 
भ्रम-2
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह

न चाहते हुए भी 
भ्रम के भंवर में
उतरते चले जाना
एक अनुभूति है
ब्लैकहोल सी
जहां
घोर अंधेरे में भी
होता है प्रतिबिंब-
मुक्ति का
साथ का
नई दुनिया का
धरती के कोलाहल से परे
शांति का।

पर टूटते ही भ्रम
दम घोंट देती हैं
ब्लैक होल की 
अदृश्य दीवारें

फिर भी मन
जा फंसता है 
उसी भ्रमजाल में
जिसे कहते हैं प्रेम।
--------------------------
कविता | भ्रम -2 | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
#poetryislife #poetrylovers  #poetryloving  #mypoetry  #डॉसुश्रीशरदसिंह  #काव्य  #कविता  #World_Of_Emotions_By_Sharad_Singh  #DrMissSharadSingh  #poetrycommunity #भ्रम  #दीवारें  #प्रतिबिंब #ब्लैकहोल #भंवर #अंधेरे  #दमघुटताहै #धरती #कोलाहल  #illusions  #walls  #reflection  #inpitchdarkness #blackholetime  #vortex #suffocating  #earth  #chaos

16 January, 2026

कविता | भ्रम | डॉ (सुश्री) शरद सिंह

भ्रम
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह

भ्रम 
एक धोखा ही तो है
किसी के कारण
ख़ुद के लिए
बुना गया ख़्वाब
भ्रम टूटने पर
टूटता है ख़्वाब
एक कांच की तरह
और किरचें कर जाती हैं
लहूलुहान
आत्मा को
विश्वास को
इंसानियत को,
फिर भी,
भ्रम के जाल में फंसने से
खुद को 
नहीं बचा पाता है 
खास कर वो
जो होता है
नितांत अकेला
इस दुनिया में।
------------------

कविता | भ्रम | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
#poetryislife #poetrylovers  #poetryloving  #mypoetry  #डॉसुश्रीशरदसिंह #काव्य  #कविता  #World_Of_Emotions_By_Sharad_Singh  #DrMissSharadSingh  #poetrycommunity #भ्रम #धोखा #विश्वास #कांच #किरचें #लहूलूहान