Sharad Singh
मित्रों का स्वागत है - डॉ. (सुश्री) शरद सिंह
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लेखिका शरद सिंह का व्यक्तित्व एवं कृतित्व
डॉ. शरद सिंह सम्मानित
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वरिष्ठ नागरिकों पर कविताएं
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10 June, 2026
जीना मुश्किल - डॉ (सुश्री) शरद सिंह | शायरी
अब तो दिल की तनहाई को हुआ जा रहा जीना मुश्किल।
फटी ज़िन्दगी के टुकड़ों को रेशा- रेशा सीना मुश्किल।
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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02 June, 2026
ज़रूरी तो नहीं | डॉ सुश्री शरद सिंह | शायरी
हरेक रिश्ते का हो नाम ज़रूरी तो नहीं।
हो मुहब्बत ही फ़क़त काम,ज़रूरी तो नहीं।
अश्क़ लबरेज़ पियाला है मेरे हाथों में
हो शराबों से भरा जाम,ज़रूरी तो नहीं।
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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29 May, 2026
जो नहीं मिला उसे भूल जा | डॉ (सुश्री) शरद सिंह | शायरी
जो चला गया उसे याद रख
जो बचा हुआ उसे साथ रख
जो नहीं मिला उसे भूल जा
जो मिला हुआ उसे पास रख
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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27 May, 2026
बात औक़ात की जो करते हैं | डॉ सुश्री शरद सिंह | शायरी
बात औक़ात की जो करते हैं
आईना देखने से डरते हैं
जिनकी तासीर झूठ वाली है
सच का तमगा लगा गुज़रते हैं
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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25 May, 2026
अब घर नहीं लगता | डॉ (सुश्री) शरद सिंह | शायरी
छत वही, दीवार औ दरवाज़ा वही है
फिर भी मेरा घर मुझे अब घर नहीं लगता
रात भर बेचैनियां करवट बदलती हैं
अब मेरा बिस्तर मुझे बिस्तर नहीं लगता
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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24 May, 2026
इश्क़ होता है या नहीं होता | डॉ (सुश्री) शरद सिंह | शायरी
इश्क़ होता है या नहीं होता
ये समझना भी कुछ सरल होता
रोज हंसता था, मुस्कुराता था
ना लगाते तो दिल नहीं रोता
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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23 May, 2026
कभी घर नहीं मिला, डॉ (सुश्री) शरद सिंह, शायरी
छप्पर नहीं मिला तो
कभी दर नहीं मिला
मानो यक़ीन, मुझको
कभी घर नहीं मिला
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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