Sharad Singh
मित्रों का स्वागत है - डॉ. (सुश्री) शरद सिंह
पृष्ठ
HOME
ABOUT ME
लेखिका शरद सिंह का व्यक्तित्व एवं कृतित्व
डॉ. शरद सिंह सम्मानित
मेरी कुछ ग़ज़लें
वरिष्ठ नागरिकों पर कविताएं
PHOTO
13 June, 2026
जरूरी तो नहीं - डॉ सुश्री शरद सिंह | शायरी
हमख़्याली भी तो इक
शय है इसी दुनिया की,
हो मुहब्बत ही फ़क़त
काम ज़रूरी तो नहीं।
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह
#शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश्रीशरदसिंह
#DrMissSharadSingh #Shayari #ghazal #shyarilovers #shayariofdrmisssharadsingh
10 June, 2026
जीना मुश्किल - डॉ (सुश्री) शरद सिंह | शायरी
अब तो दिल की तनहाई को हुआ जा रहा जीना मुश्किल।
फटी ज़िन्दगी के टुकड़ों को रेशा- रेशा सीना मुश्किल।
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह
#शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश्रीशरदसिंह
#DrMissSharadSingh #shayari #ghazal #shayarilovers #shayariofdrmisssharadsingh
02 June, 2026
ज़रूरी तो नहीं | डॉ सुश्री शरद सिंह | शायरी
हरेक रिश्ते का हो नाम ज़रूरी तो नहीं।
हो मुहब्बत ही फ़क़त काम,ज़रूरी तो नहीं।
अश्क़ लबरेज़ पियाला है मेरे हाथों में
हो शराबों से भरा जाम,ज़रूरी तो नहीं।
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह
#शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश्रीशरदसिंह
#DrMissSharadSingh #Shayari #ghazal #shyarilovers #shayariofdrmisssharadsingh
29 May, 2026
जो नहीं मिला उसे भूल जा | डॉ (सुश्री) शरद सिंह | शायरी
जो चला गया उसे याद रख
जो बचा हुआ उसे साथ रख
जो नहीं मिला उसे भूल जा
जो मिला हुआ उसे पास रख
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह
#शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश्रीशरदसिंह
#DrMissSharadSingh #Shayari #ghazal #shyarilovers #shayariofdrmisssharadsingh
27 May, 2026
बात औक़ात की जो करते हैं | डॉ सुश्री शरद सिंह | शायरी
बात औक़ात की जो करते हैं
आईना देखने से डरते हैं
जिनकी तासीर झूठ वाली है
सच का तमगा लगा गुज़रते हैं
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह
#शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश्रीशरदसिंह
#DrMissSharadSingh #shayari #ghazal #shayarilovers #shayariofdrmisssharadsingh
25 May, 2026
अब घर नहीं लगता | डॉ (सुश्री) शरद सिंह | शायरी
छत वही, दीवार औ दरवाज़ा वही है
फिर भी मेरा घर मुझे अब घर नहीं लगता
रात भर बेचैनियां करवट बदलती हैं
अब मेरा बिस्तर मुझे बिस्तर नहीं लगता
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह
#शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश्रीशरदसिंह
#DrMissSharadSingh #Shayari #ghazal #shyarilovers #shayariofdrmisssharadsingh
24 May, 2026
इश्क़ होता है या नहीं होता | डॉ (सुश्री) शरद सिंह | शायरी
इश्क़ होता है या नहीं होता
ये समझना भी कुछ सरल होता
रोज हंसता था, मुस्कुराता था
ना लगाते तो दिल नहीं रोता
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह
#शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश्रीशरदसिंह
#DrMissSharadSingh #Shayari #ghazal #shyarilovers #shayariofdrmisssharadsingh
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)