02 June, 2026

ज़रूरी तो नहीं | डॉ सुश्री शरद सिंह | शायरी

हरेक रिश्ते का हो नाम ज़रूरी तो नहीं।  
हो मुहब्बत ही फ़क़त काम,ज़रूरी तो नहीं।
अश्क़  लबरेज़  पियाला है  मेरे हाथों में 
हो शराबों से भरा जाम,ज़रूरी तो नहीं।
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह

#शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश्रीशरदसिंह 
#DrMissSharadSingh #Shayari #ghazal #shyarilovers #shayariofdrmisssharadsingh

No comments:

Post a Comment