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24 October, 2017

सिर्फ़ एक भावना ... डॉ शरद सिंह

Poetry of Dr (Miss) Sharad Singh

सिर्फ़ एक भावना
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जब किसी को देख कर
अचानक
खिल जाएं
फूल ही फूल
मन के मुरझाए पौधे में
तो ठीक उसी वक़्त
सो जाते हैं सारे शब्द
सारी ध्वनियां
सारी चेष्टाएं
कि -
ठीक उसी समय
जाग उठती है
सिर्फ़ एक भावना
अर्थात्
प्रेम।

- डॉ शरद सिंह


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