Showing posts with label वह स्त्री है. Show all posts
Showing posts with label वह स्त्री है. Show all posts

22 October, 2020

स्त्रीपाठ - 4 | वह स्त्री है | डाॅ. (सुश्री) शरद सिंह | कविता

 

Vah Stri - Poetry of Dr (Miss) Sharad Singh

स्त्रीपाठ - 4


वह स्त्री है

- डाॅ. (सुश्री) शरद सिंह


वह 

ऊष्मा है

ऊर्जा है

उमंग है

उत्साह है


वह 

लय है

लोरी है

तरंग है

त्वरित है


वह

साकार है

सहज है

प्रकृति है

पृथ्वी है


क्योंकि वह स्त्री है।

-------