मित्रों का स्वागत है - डॉ. (सुश्री) शरद सिंह
स्त्रीपाठ - 4
वह स्त्री है
- डाॅ. (सुश्री) शरद सिंह
वह
ऊष्मा है
ऊर्जा है
उमंग है
उत्साह है
लय है
लोरी है
तरंग है
त्वरित है
साकार है
सहज है
प्रकृति है
पृथ्वी है
क्योंकि वह स्त्री है।
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