Showing posts with label नहीं लौट पाता प्रेम. Show all posts
Showing posts with label नहीं लौट पाता प्रेम. Show all posts

01 July, 2021

नहीं लौट पाता प्रेम | कविता | डॉ शरद सिंह

नहीं लौट पाता प्रेम
            - डॉ शरद सिंह

चाहे धूमकेतु हो 
या कोई नक्षत्र
पृथ्वी के पास से 
गुज़र जाता है
बिना टकराए
बिना छुए पृथ्वी को
छोड़ जाता है अनुमान
कि हज़ारों साल बाद
लौटेगा वह
पृथ्वी के पास
एक बार फिर

एक नक्षत्र
गुज़रा था
मेरे भी क़रीब से
मेरी परिधि से दूर
पर
बहुत पास से मेरे
उन दिनों 
उसके होने का अहसास
उठाता रहा
भावनाओं के ज्वार-भाटे
समय-चक्र के साथ
दूर, दूर, दूर 
दूर होता चला गया वह

हज़ारों साल में सही
नक्षत्र लौटता है
पृथ्वी के लिए
किन्तु
नहीं लौट पाता प्रेम
प्रेम के लिए
सशरीर, साक्षात
एक बार फिर
साथ देने को

प्रतीक्षारत
पृथ्वी
प्रतीक्षारत
मैं
पृथ्वी रहेगी
और हज़ारों साल अभी
पर मैं नहीं
लौटेगा नक्षत्र
पर 
वह नहीं।
    -------------
#शरदसिंह #डॉशरदसिंह #डॉसुश्रीशरदसिंह
#SharadSingh #Poetry #poetrylovers
#World_Of_Emotions_By_Sharad_Singh #HindiPoetry