Showing posts with label रात एक प्रतीक्षा. Show all posts
Showing posts with label रात एक प्रतीक्षा. Show all posts

17 February, 2018

रात एक प्रतीक्षा ... डॉ शरद सिंह

Poetry of Dr (Miss) Sharad Singh
रात एक प्रतीक्षा
----------------
किसी सूने स्टेशन के
प्लेटफार्म में बैठे हुए
प्रतीक्षा करना
विलम्ब से चल रही ट्रेन का
या फिर जाड़े की लम्बी रात में
स्वेटर के फंदों-सा
यादों को बुनना
और दे लेना खुद को तसल्ली
कि रात एक प्रतीक्षा ही तो है
नींद से जागने वाली सुबह की
और ट्रेन लेट ही सही, पर आएगी ही!
रूठना भूल कर लौटे हुए प्रिय की तरह ...

- डॉ शरद सिंह