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| Dr Sharad Singh |
खेतों की बात है निराली
धानी-सी चूनर
बिखराए चहुंओर
सुन्दर-सी प्यारी हरियाली....
- डॉ शरद सिंह
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| Dr Sharad Singh |
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| Dr Varsha Singh |
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| Dr Varsha Singh |
अन्न है
जीवन है
हरियाली ही तो
धन है
प्रकृति का
दरपन है...
- डॉ शरद सिंह
अकुलाया
मन
शहर छोड़
चला गांव
ढूंढेगा वहीं ठांव...
- डॉ शरद सिंह
यहीं कहीं
बसना है
खेतों में
रसना है
चाहत की
वीणा के
तारों को
कसना है...
- डॉ शरद सिंह


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