27 April, 2012

इन दिनों ....


31 comments:

  1. वाह.............

    बहुत सुंदर शरद जी.....
    सादर.

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  2. छांव बनी रहे ... ज़िंदगी कहानी बनती रहे ... सुंदर प्रस्तुति

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  3. आपका अंदाज़ आपका तेवर आपके ज़ज्बातों को बयाँ
    करने के लिए काफी है ,लेकिन आपके खुबसूरत चित्र उस पर
    चार चाँद लगा जाते हैं . सोचता हूँ की किसे नज़र अंदाज़
    करने की गुस्ताखी करूँ किस पर नज़रें इनायत करूँ ..........
    LOVELY WORDS WITH BEAUTIFUL PICTURE.

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  4. लाली तेरे लाल कि ...जित देखूं तित लाल ....
    लाली देखन मैं गयी .....मैं भी हो गाई लाल ....
    सुंदर अभिव्यक्ति ...

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  5. बढ़िया भाव ।

    बधाई दीदी ।।

    कविता को ऐसा छुआ, बनी कहानी आप ।

    बिखरी थी लय बद्ध्ता, तेरा स्नेह-प्रताप ।।

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  6. कविता का कहानी बनना, बहुत सुंदर

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  7. वाह,
    मन में तरंग है,
    खिला नया रंग है।

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  8. चित्रों के साथ भावनाओ का मेल अभिनव ,अद्भुत

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  9. वाह ...बहुत खूब।

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  10. बहुत सुन्दर भाव --------

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  11. कम पंक्तियों में गहन भाव समाना कोई आपसे सीखे।

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  12. बहुत सुंदर प्रस्तुति...

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  13. बहुत सुन्दर वाह!
    आपकी यह ख़ूबसूरत प्रविष्टि कल दिनांक 30-04-2012 को सोमवारीय चर्चामंच-865 पर लिंक की जा रही है। सादर सूचनार्थ

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  14. बहुत सुन्दर प्रस्तुति

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  15. नैशार्गिक अभिव्यक्ति ,किसी विपरीत विधा के रूपकों के समामेलन की कल्पना ,सृजन के कारक बनते हैं तो अप्रतिम है ....प्रवाह है ,सुखद है ,चिरस्मरणीय है

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  16. कविता का कहानी बनना कोई नई कहानी नहीं है

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  17. अच्छी पंक्तियां, अनूठे भाव।

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  18. बहुत सशक्त भावभिव्यक्ति नाम तेरे फिर कहानी हो गई ,यूं तो लिखनी थी नै कविता मुझे .यही तो प्रेम का विस्तार है लम्बे धारावाहिक सा .

    कृपया यहाँ भी पधारें
    सोमवार, 30 अप्रैल 2012

    सावधान !आगे ख़तरा है

    सावधान !आगे ख़तरा है

    http://veerubhai1947.blogspot.in/
    रविवार, 29 अप्रैल 2012

    परीक्षा से पहले तमाम रात जागकर पढने का मतलब

    http://veerubhai1947.blogspot.in/
    रविवार, 29 अप्रैल 2012

    महिलाओं में यौनानद शिखर की और ले जाने वाला G-spot मिला

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    शोध की खिड़की प्रत्यारोपित अंगों का पुनर चक्रण

    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/शुक्रिया .
    आरोग्य की खिड़की

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  19. आपकी कविता की चित्रमयी प्रस्तुति के लिये कुछ नया नाम ढूँढना चाहिये जैसे हायकू के साथ हाईगा.

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  20. कल 02/05/2012 को आपकी इस पोस्‍ट को नयी पुरानी हलचल पर लिंक किया जा रहा हैं.

    आपके सुझावों का स्वागत है .धन्यवाद!


    ...'' स्‍मृति की एक बूंद मेरे काँधे पे '' ...

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  21. बहुत ही सारगर्भित रचना । मेरे पोस्ट पर आपके एक-एक शब्द मेरा मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ नई उर्जा भी प्रदान करते हैं । मेरे पोस्ट पर आपका इंतजार रहेगा । धन्यवाद ।

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  22. वाह ऋतु सुहानी और कविता कहानी, क्या बात है शरद जी । तस्वीर भी बहुत सुंदर ।

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