रविवार, अक्तूबर 22, 2017

अब बता भी दो ... डॉ शरद सिंह

Poetry of Dr (Miss) Sharad Singh
अब बता भी दो
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ओ कृष्ण!
तुमने दिया द्रोपदी को वस्त्र
तो दुःशासन को सद् मति क्यों नहीं?
राधा से किया प्रेम
तो विवाह क्यों नहीं?
विषभागी बनाया मीरा को
तो राणा को अपना भक्त क्यों नहीं?
प्रश्न ही प्रश्न हैं मेरे पास
और उत्तर तुम्हारे पास ...
तो हे कृष्ण !
अब बता भी दो
तुम देवता थे
या पुरुष?


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