गुरुवार, जून 01, 2017

मौन भी संवाद है .... डॉ शरद सिंह

Poetry of Dr (Miss) Sharad Singh


मौन भी संवाद है
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मौन भी संवाद है
यदि आंखों से
कहा और सुना जाए
प्रेम भी धड़कन है
यदि दिल से दिल को
छू लिया जाए
फिर मौन और प्रेम भी
बसा सकते हैं
कोलाहल भरी एक दुनिया
जिसमें अर्थ
शब्द का लिबास पहन का घूमते रहेंगे
उड़ती रहेंगी पंक्तियां की तितलियों की तरह
और मुखर होता रहेगा सन्नाटा
हथेली में रची मेंहदी
और मेंहदी में छिपाकर लिखे गए
नाम की तरह
क्यों कि मौन भी संवाद ही तो है।

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