गुरुवार, अगस्त 23, 2012

तुम्हे क्या पता .....


16 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर
    बहुत प्यारी प्रस्तुति...
    :-)

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  2. अद्भुत मन के भाव जो नयनों से बयां हो जाते हैं

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  3. बहुत अच्छी पोस्ट। मरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है।

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  4. बहुत ही अच्‍छी पोस्‍ट। मेरे नए पोस्ट पर आपका हार्दिक अभिनंदन है। धन्यवाद।

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  5. एक तरफा चाहत की सुन्दर अभिव्यक्ति ।

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  6. koi hame chup kar dekhe aaur ye ham jaan lein ya dekh le use jo dekh rahi hai hame chup ke to saanse tham see jaatee hain..hamesha ke tarah shandaar..

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  7. छुप छुप कर देखने की यह अदा निराली है शरद जी.
    गागर में ही सागर भर देतीं हैं आप.
    आभार.

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