सोमवार, मार्च 03, 2014

मुझे चाहिए .....

A Poem of Dr (Miss) Sharad Singh

10 टिप्‍पणियां:

  1. बिलकुल मिलना चाहिए ... माँ को भी दादी को भी और एक औरत को भी ...

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  2. बिलकुल.....उन्हें ये हक़ मिलना ही चाहिये
    काश कि मिले उन्हें ये सारे हक़!!
    :-(

    सादर
    अनु

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    1. काश ऐसा ही हो....हार्दिक आभार अनु जी ...

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  3. अपनी कुर्बानी की एवज में ये तो उनका दक बनता है ....जो प्यार,स्नेह और मान-सम्मान के साथ मिलना चाहिए .....

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    1. जी हां मिलना ही चाहिए ..... हार्दिक धन्यवाद अशोक जी....

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  4. पैसे से तौलते हो प्यार, स्नेह
    तरसता है अपनत्व को दिल
    अरमानो संग सूख गई देह.....

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    1. मेरे शब्दों का अनुमोदन करतीं सटीक पंक्तियां .... हार्दिक आभार कुशवंश जी ...

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