बुधवार, नवंबर 21, 2012

तेरी याद में .....


14 टिप्‍पणियां:

  1. आज फिर हम पे भारी है यह रात,
    आज फिर निकलेगी यादों की बरात ......

    शुभकामनायें!

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  2. उत्कृष्ट प्रस्तुति |
    बधाई स्वीकारें ||

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  3. तेरी याद मेरा वजूद है ,

    मेरे साथ ही ये रुके चले ,

    तेरी याद में मेरी शब कटे ,

    तेरी याद में मेरा दिन ढले

    बहुत खूब कहा है कम शब्दों में एक पूरे एहसास को संजोया है .मेरी सांस तेरा वजूद है ,तेरे साथ ही ये रुके चले .

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  4. आपकी इन पक्तियों ने मन के संवेदनशील तारों को झंकृत कर दिया। मेरे नए पोस्ट पर आपका बेसब्री से इंतजार रहेगा । धन्यवाद।

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  5. तेरी याद मेरा वज़ूद है …
    वाह ! वाऽह !
    क्या बात है !

    आदरणीया डॉ. शरद जी

    …आपकी लेखनी के मुरीद हैं हम …
    शुभकामनाओं सहित…

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  6. सुंदर यादें ...जो सदा छाई रहें ....!!
    शुभकामनायें ...!!

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