Showing posts with label r Sharad Singh. Show all posts
Showing posts with label r Sharad Singh. Show all posts

05 March, 2019

इन दिनों कुछ सुकूं-सा रहता है .. डॉ शरद सिंह .. ग़ज़ल

 
Ghazal of Dr ( Miss) Sharad Singh

अर्ज़ है -
इन दिनों कुछ सुकूं-सा रहता है
मुझसे मेरा ही दिल ये कहता है
उसकी चाहता के नूर का दरिया
मेरी आंखों से हो के बहता है
- डॉ शरद सिंह