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03 June, 2017

संवाद करते पत्थर .... डॉ. शरद सिंह

Poetry of Dr (Miss) Sharad Singh


संवाद करते पत्थर
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पत्थर बेजान नहीं होते
करते हैं संवाद
किसी विद्वान, ज्ञानी
किसी पोथी या भित्तिचित्र की तरह
या प्रेमी युगल की तरह
पत्थर भी सिखा सकते हैं
चौसठ कलाएं
और जीवन के
सारे रहस्य
हां,
यदि वे हों -
खजुराहो या कोणार्क मंदिरों के पत्थर....
सच मानो,
कला का स्पर्श पा कर
हो जाते हैं पत्थर भी प्राणवान ।