बुधवार, मार्च 21, 2018

विश्व कविता दिवस 2018 पर मेरी कविता - डॉ शरद सिंह

Poetry of Dr (Miss) Sharad Singh on The World Poetry Day 2018
कविता ही तो ....
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वह जो शब्दों को
ओढ़ती है, बिछाती है
सांसे बन जाती है
हृदय को धड़काती है
भावनाओं को रसों का
ककहरा पढ़ाती है
और फिर बिना कहे -
सब कुछ कह जाती है !
वो कविता ही तो है
जो जीवन में
सरसता लाती है
अभिव्यक्ति को
मधुर बनाती है !!!
- डॉ शरद सिंह
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