16 May, 2020

ग़ज़ल - महानगर ने छोड़ा उनको - डॉ (सुश्री) शरद सिंह

Dr (Miss) Sharad Singh
कोरोना लॉकडाउन के चलते अपने घर लौटने को मज़बूर प्रवासी मज़दूरों को समर्पित मेरी ग़ज़ल -


         महानगर ने छोड़ा उनको

          - डॉ (सुश्री) शरद सिंह

पेट की ख़ातिर घर से निकले, पेट की ख़ातिर धोखा खाया।
पेट ने जब ना साथ दिया, तब, मौत ने आ कर गले लगाया।

महानगर की निष्ठुरता ने, रोजी-रोटी सबकुछ छीना,
सिर पर छत भी रहने ना दी, जम कर जैसे बैर निभाया।

कल तक जो जीवनरेखा थे, आज उन्हीं का जीवन काटा,
महानगर ने छोड़ा उनको, पल भर को भी तरस न खाया।

नन्हें बच्चे, नई प्रसूता, बूढ़ी अम्मा ने भी देखो,
मजबूरी में मीलों चलने का अद्भुत साहस दिखलाया।

सड़कों पर हैं आज कतारें, एक राज्य से दूजे तक जो,
मानवता ने 'शरद' आज फिर, उनको है ढाढस बंधवाया।
            --------------------

web magazine युवा प्रवर्तक ने आज मेरी यह ग़ज़ल अपने  दिनांक 16.05. 2020 के अंक में प्रकाशित किया है।
🚩युवा प्रवर्तक के प्रति हार्दिक आभार 🙏
आप इस Link पर भी मेरी इन रचनाओं को पढ़ सकते हैं ...
http://yuvapravartak.com/?p=32834
----------------------


#युवाप्रवर्तक #ग़ज़ल #Ghazal
#प्रवासीमज़दूर #लॉकडाउन #Labour #MigrantLabour  #AutoDrivers
#MigrantWorker #शरदसिंह #DrSharadSingh #miss_sharad
#कोरोना #कोरोनावायरस #महामारी #सावधानी #सुरक्षा #सतर्कता #Coronavirus #corona #pandemic #prevention #StayAtHome #SocialDistancing

10 May, 2020

मां सो नोनो कोऊ नइयां - डॉ शरद सिंह - विश्व मातृदिवस पर बुंदेली कविता

 विश्व  मातृदिवस पर web magazine युवा प्रवर्तक ने आज मेरी बुंदेली कविता अपने  दिनांक 10.05. 2020 के अंक में प्रकाशित किया है। 
🚩युवा प्रवर्तक के प्रति हार्दिक आभार 🙏
आप इस Link पर भी मेरी इन रचनाओं को पढ़ सकते हैं ... 
http://yuvapravartak.com/?p=32147
---------------------------
मातृदिवस (10मई) पर विशेष बुंदेली कविता ....

मां सो नोनो  कोऊ नइयां
   
 - डाॅ (सुश्री) शरद सिंह

मां  सो  नोनो  कोऊ नइयां।
मां को अंचरा सीतल  छइयां।

चोट लगे चए जुर चढ़ आए
करे  रतजगा  पाले  मइयां।

खुद भूखी  रै  जावे लेकन
बच्चन खों दे दूध-मलइयां।

गिरहस्ती  में  डूबी  रैती
भूल  बिसारे सबरी गुइयां।

कहो ‘मताई’, ’बऊ’ कह लेओ
पकरे  रइयो  मां की बंइयां ।

मां की  आसीसें  जो होएं
रोक न पाए बिपत, बुरइयां।

मां की लोरी, मां की थपकी -
‘शरद’ न भूली मां की कइयां।
   --------
सागर, मध्यप्रदेश
डॉ. विद्यावती 'मालविका'
#युवाप्रवर्तक #बुंदेली #अपनीबोली
#HappyMothersDay #Mother
#मातृदिवस #मांतुझेसलाम
#मां_की_महिमा #अपनीबोलीअपनेबोल
#मातृवंदना #जयबुंदेलखण्ड 
#मातृ_दिवस #जयबुंदेली

विश्व मातृ दिवस पर मां को प्रणाम ...डॉ शरद सिंह

मेरी प्यारी मां डॉक्टर विद्यावती 'मालविका' जी को सादर नमन 🙏
     👩‍👧Happy Mother's Day 👩‍👧
 
सारे जग में सबसे बेहतर मां का आंचल।
तेज धूप में जैसे हो ममता का बादल ।
स्वयं पहने फटे, पुराने, मोटे कपड़े  
लेकिन बच्चों को पहनाती हरदम मलमल।
मेरी मां दुनिया की सबसे प्यारी मां है
जिनसे सीखा मैंने सबसे रहना हिलमिल।
 - डॉ शरद सिंह 
#HappyMothersDay  
#MyMother #LovingMother
#मांतुझेसलाम