19 June, 2012

तुमने पत्र रखा ....


20 comments:

  1. वाह ... बहुत खूब ।

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  2. बहुत खूब ... आज के जमाने में पत्र ... बहुत खूब ...

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  3. फिर से चर्चा मंच पर, रविकर का उत्साह |

    साजे सुन्दर लिंक सब, बैठ ताकता राह ||

    --

    बुधवारीय चर्चा मंच

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  4. जो गर्माहट पत्र में है वो मेल-चैट में कहाँ....
    बहुत सुन्दर....


    अनु

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  5. यह रचना वास्तव में कमाल की है....

    चित्र भी आप रचना के अनुसार ढूँढ ही लेते हैं.

    या फिर चित्र पहले मिलता है और रचना बाद में रची जाती है.

    यदि यह बात है तो भी कमाल है आपका सृजन.

    साधु!

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  6. bahut badhiya sharad jee ....badhai bhi aapke achivment ke liye....

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  7. नेट चैट के युग में कागज़ थाम लिया

    वाह! बहुत खूब.

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  8. आज के जमाने में पत्र ...

    दुर्लभ......!

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  9. चित्र ज्यादा खूबसूरत है या कविता...तय नहीं कर पा रही|
    पत्र का सुखद एहसास...

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  10. चित्र के हिसाब से पत्र अच्छा लगा,,,,,,सुखद प्रस्तुति,,,

    RECENT POST ,,,,फुहार....: न जाने क्यों,

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  11. कागज में एहसास अभी बाकी है..

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  12. वो फूल को किताबों के पास रखता है,
    मुहब्बतों का मौसम कुछ खास रखता है।

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  13. दाँतों में उँगलियों का दबाना कमाल है.
    तस्वीर-ए-ब्लॉग देख के जीना मुहाल है.

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  14. जमाना कहीं भी पहुँच जाए, कागजों में जो लिखा जाता है वह बहुत मायने रखता है और कभी न ख़त्म होने के लिए होता है.

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