गुरुवार, मई 10, 2012

ज़रा तुम कहो .....


22 टिप्‍पणियां:

  1. प्यार किया तो डरना क्या....................
    :-)

    अनु

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  2. निर्भीक प्रेम की अभिव्यक्ति ...
    बहुत सुंदर ...!!
    शुभकामनायें .

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  3. शब्दों की जवाबदेही बेशक भावों के तिलस्म को जिन्दा रखे हुए है...मुबारक हो!

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  4. pyar karne wale kabhi kabhi darte nahi jo darte hain wo pyar karte nahin..shandaar prastuti ke liye sadar badhayee..

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  5. बनोगे आसरा तुम कहो...
    सुंदर प्रस्तुति.

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  6. वाकई प्यार करने वाले डरते नहीं...पर आसरा देने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए...

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  7. प्यार किया कोई चोरी नही कि,
    छुप छुप आंहें भरना क्या,..
    जब प्यार किया तो डरना क्या,.....

    बस हिम्मत होनी चाहिए ,......

    MY RECENT POST.....काव्यान्जलि ...: आज मुझे गाने दो,...

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  8. आसरा आपका लेकर चलें है रहगुज़र पे, धुप और छांव की परवाह किसे ..
    वक़्त थम जायेगा तेरे जानिब, आसरा कौन किसका पूछ लेंगे ..

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  9. डॉक्टर साहिबा
    बहुत शानदार क़त्आ कहा है …

    प्यार में डूब कर जो जिया हो शरद …
    मुबारकबाद और शुक्रिया !

    आपकी ग़ज़लों की किताब आई हो तो पढ़ने की ख़्वाहिश है…

    हार्दिक शुभकामनाएं !
    -राजेन्द्र स्वर्णकार

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  10. जो डरते हैं वे प्यार करते नहीं।

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  11. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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