बुधवार, नवंबर 07, 2012

हर ख्व़ाब हो सच अपना ......


10 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही बढ़िया उम्दा प्रस्तुति,,,,,शरद जी,,,,

    आँचल सम्हालते है वो सीने पे नाज से,
    यह कहके पड़ रही है तुम्हारी नजर कहाँ,,,,,

    RECENT POST:..........सागर

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  2. बहुत ही सुन्दर रचना..
    सभी ख्वाब पुरे हो....
    शुभकामनाएँ....
    :-)

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  3. "हर ख्वाब सच हो अपना
    ये ख्वाब हमारा है"

    आमीन !

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