19 October, 2012

वो क़ातिल भी तन्हा-तन्हा ....


7 comments:

  1. जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदेगा उसका हश्र भी तो वैसा ही होगा...

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  2. आपकी लाइन को समर्पित

    जो टुटा वो यूँ तन्हा होता ही है ..
    जो तोडा वो तन्हा हो जाता है

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  3. लाजबाब हाइगा,,,

    रात ढलती रही,आस घटती रही,
    दिल की दुनिया लुटी चांदनी रात में,,,,

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