30 January, 2026

कविता | दिया कहता है | डॉ (सुश्री) शरद सिंह

कविता 
दिया कहता है  
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह

टूटे दरवाज़े से
झांकता दिया
उम्मीद की 
रोशनी को थामे
मानो कहता है
कि सब कुछ
नहीं हुआ है ख़त्म
अंधेरा गहरा ही सही
हारेगा ज़रूर
क्योंकि 
अंधेरे की नियति है
हारना
और 
उजाले की जीतना...
यदि ऐसा नहीं होता
तो सूरज
कभी नहीं उगता।
------------------
#poetryislife #poetrylovers  #poetryloving  #mypoetry  #डॉसुश्रीशरदसिंह #काव्य  #कविता  #World_Of_Emotions_By_Sharad_Singh  #DrMissSharadSingh  #poetrycommunity #दिया #रोशनी #अंधेरा #नियति #उजाला #सूरज  #broken  #Door #light  #darkness  #destiny #brightness  #Sun

22 January, 2026

कविता | भ्रम-3 | डॉ (सुश्री) शरद सिंह

कविता 
भ्रम-3 
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह

यह भी तो
एक भ्रम है
कि सोचते हैं
ज़िंदगी को
जी रहे हैं हम
जबकि
जी रही होती है
ज़िंदगी हमें,
हमारी
एक-एक सांस
एक-एक पल
एक-एक ख़्वाब को
हमारे जाने बिना,
हमें
अपने ऋण से
करती हुई उऋण

जिस दिन 
चुक जाता है 
पूरा ऋण 
उस दिन ज़िंदगी 
कर देती है मुक्त हमें
हमेशा के लिए
 
और हमारे सहित सभी 
रहते हैं इसी भ्रम में कि 
हमने जी ली ज़िंदगी।
-------------------
कविता | भ्रम -3 | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
#poetryislife #poetrylovers  #poetryloving #mypoetry  #डॉसुश्रीशरदसिंह  #काव्य #कविता  #World_Of_Emotions_By_Sharad_Singh  #DrMissSharadSingh  #poetrycommunity #भ्रम #सांस  #ख़्वाब #पल #ऋण #उऋण  #illusions  #breathe #dreams #moments #debt  #DebtFree

कविता | भ्रम -2 | डॉ (सुश्री) शरद सिंह

कविता 
भ्रम-2
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह

न चाहते हुए भी 
भ्रम के भंवर में
उतरते चले जाना
एक अनुभूति है
ब्लैकहोल सी
जहां
घोर अंधेरे में भी
होता है प्रतिबिंब-
मुक्ति का
साथ का
नई दुनिया का
धरती के कोलाहल से परे
शांति का।

पर टूटते ही भ्रम
दम घोंट देती हैं
ब्लैक होल की 
अदृश्य दीवारें

फिर भी मन
जा फंसता है 
उसी भ्रमजाल में
जिसे कहते हैं प्रेम।
--------------------------
कविता | भ्रम -2 | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
#poetryislife #poetrylovers  #poetryloving  #mypoetry  #डॉसुश्रीशरदसिंह  #काव्य  #कविता  #World_Of_Emotions_By_Sharad_Singh  #DrMissSharadSingh  #poetrycommunity #भ्रम  #दीवारें  #प्रतिबिंब #ब्लैकहोल #भंवर #अंधेरे  #दमघुटताहै #धरती #कोलाहल  #illusions  #walls  #reflection  #inpitchdarkness #blackholetime  #vortex #suffocating  #earth  #chaos

16 January, 2026

कविता | भ्रम | डॉ (सुश्री) शरद सिंह

भ्रम
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह

भ्रम 
एक धोखा ही तो है
किसी के कारण
ख़ुद के लिए
बुना गया ख़्वाब
भ्रम टूटने पर
टूटता है ख़्वाब
एक कांच की तरह
और किरचें कर जाती हैं
लहूलुहान
आत्मा को
विश्वास को
इंसानियत को,
फिर भी,
भ्रम के जाल में फंसने से
खुद को 
नहीं बचा पाता है 
खास कर वो
जो होता है
नितांत अकेला
इस दुनिया में।
------------------

कविता | भ्रम | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
#poetryislife #poetrylovers  #poetryloving  #mypoetry  #डॉसुश्रीशरदसिंह #काव्य  #कविता  #World_Of_Emotions_By_Sharad_Singh  #DrMissSharadSingh  #poetrycommunity #भ्रम #धोखा #विश्वास #कांच #किरचें #लहूलूहान

12 January, 2026

चूल्हा | कविता | डॉ (सुश्री) शरद सिंह

भूख, गरीबी का किस्सा है, छै ईंटों का चूल्हा।
बेघर जीवन का हिस्सा है, छै ईंटों का चूल्हा।
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह

Photo by #DrMissSharadSingh 

#डॉसुश्रीशरदसिंह #poetry #poem #literature #chulha #किस्सा  #ChulhaCooking #भूख #गरीबी 
#बेघर #जीवन #हिस्सा #ईंटों 
#मेरीकविता

21 December, 2025

शायरी | रात के साए में | डॉ (सुश्री) शरद सिंह

 उदास दिन का हर एक पल बड़ा कठिन गुज़रा 
न जाने   रात के   साए में   क्या    घुटन  होगी।
- डॉ (सुश्री) शरद सिंह

#शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश्रीशरदसिंह 
#DrMissSharadSingh  #shayari  #ghazal #shayarilovers  #shayariofdrmisssharadsingh
#उदास #दिन #गुजरा #गुज़रा  #रात #साए #घुटन

17 December, 2025

शायरी | रिश्तों की तासीर | डॉ (सुश्री) शरद सिंह

अर्ज़ है
पत्ते पीले हो कर, सब्ज़ नहीं होते 
इनसे समझो रिश्तों की तासीर कभी
-डॉ (सुश्री) शरद सिंह

#शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश्रीशरदसिंह 
#DrMissSharadSingh #Shayari #ghazal #shyarilovers #shayariofdrmisssharadsinghl