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27 December, 2019

आस्तीनों में छिपे खंज़र ... ग़ज़ल... डॉ शरद सिंह


आस्तीनों में छिपे खंज़र  नहीं देखा किसी ने
साथ देखा और समझा आशना मेरा सभी ने


- डॉ शरद सिंह

#SharadSingh #Shayari #Ghazal
#World_Of_Emotions_By_Sharad_Singh

19 December, 2019

बहानों के बादल में ... ग़ज़ल... डॉ शरद सिंह


बहानों के बादल में छुपता रहा वो
है बारिश का सूरज, मुझे पता न था
- डॉ शरद सिंह

27 August, 2019

दिल भर गया रोशनी से - डॉ शरद सिंह

Dil Bhar gaya roshani se..  ... poetry of Dr (Miss) Sharad Singh
 कविता
एक भोर
पंख लगा कर आई
नन्हीं चिड़िया-सी
बैठ गई मन की मुंडेर पर
और दिल भर गया रोशनी से।
- डॉ शरद सिंह


04 December, 2018