घोषणाएं
- डॉ शरद सिंह
घोषणाएं
बनती जा रही हैं
एक चमचमाता हुआ पोस्टर
जो सक्षम है छिपाने में,
ध्यान बंटाने में
दीवार की बदसूरती से
लेकिन काम नहीं आता
ओढ़ने-बिछाने के भी
यानी
इस आपदा के दौर में भी
एक घोषणा सर्वसम्मति से
पारित हो कर भी
साल भर में नहीं पहुंच पाई
दफ़्तरों तक
तो क्या लाभ ऐसी घोषणा का
अविवाहित बेटियां
भटक रही हैं
और कर रही हैं प्रतीक्षा
घोषणा से जन्मे
आदेश की
भरण-पोषण की।
अरे , घोषणा करने वालों को
कोई तो बताए
कि सिर्फ़ घोषणाओं से
पेट नहीं भरता
घोषणाओं पर कर यक़ीन
आम-आदमी है
तिल-तिल मरता।
----------------
#शरदसिंह #डॉशरदसिंह #डॉसुश्रीशरदसिंह
#SharadSingh #Poetry #poetrylovers
#World_Of_Emotions_By_Sharad_Singh