Sharad Singh
मित्रों का स्वागत है - डॉ. (सुश्री) शरद सिंह
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लेखिका शरद सिंह का व्यक्तित्व एवं कृतित्व
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(सुश्री) शरद सिंह
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(सुश्री) शरद सिंह
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17 June, 2025
कविता | भोर का प्रेम | (सुश्री) शरद सिंह
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भोर का प्रेम - डॉ (सुश्री) शरद सिंह पक्षियों के कलरव से जागती भोर तोड़ती है सूरज की अंगड़ाइयों को गति पकड़ने लगती है हवा भी घरों क...
21 May, 2023
शायरी | चांद मुझसे करेगा क्यूं बातें | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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अर्ज़ है - चांद मुझसे करेगा क्यूं बातें साथ उसके तो चांदनी होगी वो अंधेरे का दर्द क्या जाने जिसके दामन में रोशनी होग...
19 May, 2023
शायरी | छोड़ आए हैं संदेशा | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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अर्ज़ है - सोचता होगा, रखे वह उंगलियों को भाल पर। छोड़ आए हैं संदेशा, काढ़ कर रूमाल पर। - डॉ (सुश्री) शरद सिंह #शायरी #ग़ज़ल #डॉसु...
18 May, 2023
शायरी | याद आती छांह | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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अर्ज़ है - रास्ते में धूप हो तो याद आती छांह दूर तारे की तरह फिर झिलमिलाती छांह - डॉ (सुश्री) शरद सिंह #शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश...
16 May, 2023
शायरी | उसका ख्वाब तो देखा | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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उसको अरसे से न देखा, लेकिन उसका ख़्वाब तो देखा एक थी फीकी, एक थी गहरी, मेरी क़िस्मत की हर रेखा। - डॉ (सुश्री) शरद सिंह #शायरी #ग़ज़ल...
20 May, 2022
ग़ज़ल | यादों को उसकी | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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यादों को उसकी भुलाना कठिन है हथेली पे सरसों उगाना कठिन है मुद्दत से देखा नहीं है भले ही ज़ेहन से उसको मिटाना कठिन है। - ड...
2 comments:
18 May, 2022
कविता | वस्त्र के भीतर | डॉ (सुश्री) शरद सिंह | नेशनल एक्सप्रेस
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मित्रो, नई दिल्ली से प्रकाशित "नेशनल एक्सप्रेस" के साहित्यिक परिशिष्ट "साहित्य एक्सप्रेस" में मेरी आज एक कवि...
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