Sharad Singh
मित्रों का स्वागत है - डॉ. (सुश्री) शरद सिंह
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लेखिका शरद सिंह का व्यक्तित्व एवं कृतित्व
डॉ. शरद सिंह सम्मानित
मेरी कुछ ग़ज़लें
वरिष्ठ नागरिकों पर कविताएं
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12 January, 2026
चूल्हा | कविता | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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भूख, गरीबी का किस्सा है, छै ईंटों का चूल्हा। बेघर जीवन का हिस्सा है, छै ईंटों का चूल्हा। - डॉ (सुश्री) शरद सिंह Photo by #DrMiss...
21 December, 2025
शायरी | रात के साए में | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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उदास दिन का हर एक पल बड़ा कठिन गुज़रा न जाने रात के साए में क्या घुटन होगी। - डॉ (सुश्री) शरद सिंह #शायरी #ग़ज़ल #डॉस...
17 December, 2025
शायरी | रिश्तों की तासीर | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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अर्ज़ है पत्ते पीले हो कर, सब्ज़ नहीं होते इनसे समझो रिश्तों की तासीर कभी -डॉ (सुश्री) शरद सिंह #शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश्रीशरदसिंह ...
4 comments:
10 December, 2025
शायरी | अलाव | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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वो जो फुटपाथ पे रातों को ठिठुरते हैं पहर उनके आगे कोई रख जाए अलावों का सहर - डॉ (सुश्री) शरद सिंह #शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश्रीशरदसि...
05 December, 2025
कविता | कॉफी पर चांद | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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कविता कॉफी पर चांद - डॉ (सुश्री) शरद सिंह आज रात चांद ने बजाई मेरे घर की कॉलबेल कड़ाके की ठंड में दरकार थी उसे एक कप कॉफी...
13 November, 2025
कविता | अन्न के पास बैठी कविता | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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कविता अन्न के पास बैठी कविता - डॉ (सुश्री) शरद सिंह अन्न के पास बैठी कविता सुनती है भूख की ध्वनियां, महसूस करती है खाली पेट वा...
15 October, 2025
कविता | #सच 3 - डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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कविता | #सच 3 - डॉ (सुश्री) शरद सिंह हम इतनी शिद्दत से ढूंढते रहते हैं सुख कि पता ही नहीं चलता कब न्योता दे बैठते हैं दुख ...
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