Sharad Singh
मित्रों का स्वागत है - डॉ. (सुश्री) शरद सिंह
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लेखिका शरद सिंह का व्यक्तित्व एवं कृतित्व
डॉ. शरद सिंह सम्मानित
मेरी कुछ ग़ज़लें
वरिष्ठ नागरिकों पर कविताएं
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20 August, 2025
शायरी | तिजारत | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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अर्ज़ है- उठाना गिराना, गिराना उठाना यही खेल रचता रहा है ज़माना मुहब्बत के रिश्ते तिजारत हुए हैं सभी चाहते हैं नफ़...
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27 July, 2025
मेरे दो दोहे - डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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मेरे दो दोहे.... तेरी आंखों से बही, भीगे मेरे गाल। अश्रु-धार करने लगी, ऐसे विकट कमाल।।1 तेरे-मेरे बीच की दूरी, सौ-सौ मील...
07 July, 2025
लिहाज़ है समझो | शायरी | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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मेरी ख़ामोशी लिहाज़ है समझो लिहाज़ उतरा तो बेपर्दा हो जाएंगे कई। - डॉ (सुश्री) शरद सिंह #डॉसुश्रीशरदसिंह #DrMissSharadSin...
05 July, 2025
प्रेम कविता | प्रेम करते हो तो | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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प्रेम कविता प्रेम करते हो तो - डॉ (सुश्री) शरद सिंह राग मल्हार हो या मालाहारी* अपने भीगे स्वरों से करता है स्वागत जल की उन...
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04 July, 2025
प्रेम कविता | जिसे कहते हैं प्रेम | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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जिसे कहते हैं प्रेम - डॉ (सुश्री) शरद सिंह पनीली भोर में लौह दरवाज़े के एक खांचे में बैठी कलछौंही नन्हीं चिड़िया का स्वर जब...
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03 July, 2025
कविता | प्रेम झूमेगा वहीं | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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प्रेम कविता प्रेम झूमेगा वहीं - डॉ (सुश्री) शरद सिंह काई जमी खपरैलों के बीच से टपकती बूंदें विवश कर देती हैं छत पर चढ़...
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02 July, 2025
प्रेम कविता | इतराता है प्रेम | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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प्रेम कविता इतराता है प्रेम - डॉ (सुश्री) शरद सिंह उसके मैले चेहरे पर तैर जाती है मुस्कान खिंच जाती है आंखों की कोर र...
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