Sharad Singh
मित्रों का स्वागत है - डॉ. (सुश्री) शरद सिंह
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लेखिका शरद सिंह का व्यक्तित्व एवं कृतित्व
डॉ. शरद सिंह सम्मानित
मेरी कुछ ग़ज़लें
वरिष्ठ नागरिकों पर कविताएं
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17 September, 2023
शायरी | रामकहानी | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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शायरी | रामकहानी | डॉ (सुश्री) शरद सिंह कैसे लिख दें रामकहानी, लिखने वाली बात नहीं। नभ-गंगा हैं भीगी आंखें, पानी भरी परात ...
16 September, 2023
कविता | अस्तित्वहीन | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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अस्तित्वहीन - डॉ (सुश्री) शरद सिंह मैं क्या हूं? कुछ भी तो नहीं शून्य से भी अधिक अस्तित्वहीन शून्य की आकृति वज़न बढ़ाती जाती हैं ...
05 September, 2023
शायरी | न ऐतबार रहा | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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किसी भी बात पे अब तो न ऐतबार रहा उस एक शख़्स पे वादा, वफ़ा उधार रहा - डॉ (सुश्री) शरद सिंह #शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश्रीशरदसिंह #DrMissSha...
24 August, 2023
प्लीज़ | कविता | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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असंख्य तारे हैं आसमान में कैसे पहचानूं तुम्हें? अब करने लगा है व्याकुल धरती पर बेगानापन एक संकेत दे दो टिमटिमा दो प्लीज़ ...😢 ...
19 August, 2023
शायरी | नींद के गांव में | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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रतजगा हो गया नींद के गांव में याद अंगार बन कर दहकती रही नीम ख़ामोश गलियां रही देखतीं एक परछाई यूं ही भटकती रही - डॉ (सुश्री...
17 August, 2023
शायरी | मोहब्बत में | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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मोहब्बत में शरारत का मज़ा कुछ और होता है। कहा इक ने तो दूजे ने सुना कुछ और होता है। यही तो लुत्फ़ है ख़ामोश रह कर देखने में सब...
12 August, 2023
कविता | सहेली | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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सहेली - डॉ (सुश्री) शरद सिंह एक शाम मेरे बाजू में बैठी थी अभी रात आते ही चली गई छोड़ कर और उतर आई खूंटी पर टंगी उदासी सगी सहेली क...
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