Sharad Singh
मित्रों का स्वागत है - डॉ. (सुश्री) शरद सिंह
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लेखिका शरद सिंह का व्यक्तित्व एवं कृतित्व
डॉ. शरद सिंह सम्मानित
मेरी कुछ ग़ज़लें
वरिष्ठ नागरिकों पर कविताएं
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29 April, 2023
ग़ज़ल | इक भरम था | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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इक भरम था ख़्वाब का, वो भी मगर नींद रूठी, साथ अपने ले गई । - डॉ (सुश्री) शरद सिंह #शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश्रीशरदसिंह #DrMis...
27 April, 2023
शायरी | मेरे ख़्वाब की किरचें | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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शायरी मेरे ख़्वाब की किरचें, मेरी आंखों में चुभती रहती हैं। अश्क़ों की ख़ामोश लकीरें, भीतर ही भीतर बहती हैं। - डॉ (सुश्री) शरद सिंह...
19 April, 2023
कविता | आई शपथ | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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आई शपथ ! - डॉ (सुश्री) शरद सिंह यादों के साथ जीना और सीने पर दुनियादारी का पत्थर रख कर आंसुओं को पीना आसान नहीं है, मित्र! अप...
2 comments:
17 April, 2023
मैं उनकी ग़ज़लों की ज़बरदस्त फैन रही हूं - डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए - शायर बशीर बद्र #यादें और #यादों के #उजाले ....
16 April, 2023
कविता | बेचारा प्रेम | डॉ (सुश्री) शरद सिंह | सदीनामा
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अचानक "सदीनामा" में अपनी कविता "बेचारा प्रेम" देखकर चकित रह गई और अत्यंत सुखद अनुभूति हुई... आपकी हार्दिक...
10 April, 2023
ग़ज़ल | इक पहेली - डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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ग़ज़ल इक पहेली - डॉ (सुश्री) शरद सिंह शाम को बारिश हुई और थम गई रात है कि भीगती ही जा रही है हर कद़म पर इक पहेली बन गई ज़िन्...
04 April, 2023
कविता | अनुगूंज - डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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कविता अनुगूंज - डॉ (सुश्री) शरद सिंह उदासी की बूंदें टपक रही टप-टप मन की रिक्त बाल्टी में... बूंदें छोटी पर अनुगूंज बहुत बड़...
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