Sharad Singh
मित्रों का स्वागत है - डॉ. (सुश्री) शरद सिंह
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लेखिका शरद सिंह का व्यक्तित्व एवं कृतित्व
डॉ. शरद सिंह सम्मानित
मेरी कुछ ग़ज़लें
वरिष्ठ नागरिकों पर कविताएं
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30 September, 2022
कविता | धूप बारिश के बाद की | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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धूप बारिश के बाद की - डॉ (सुश्री) शरद सिंह कुछ अधिक गरमाने लगी है धूप बारिश के बाद की नमी, उमस और उष्णता से भरी धूप ...
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24 September, 2022
रात | डॉ (सुश्री) शरद सिंह | कविता
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रात - डॉ (सुश्री) शरद सिंह रात आ गई है मेरे कांधे पर सिर रख कर सोने , जानती है मुझे तो है जागना ताज़िन्दगी गिनते हुए पहर के पहा...
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22 September, 2022
कविता | बारिश | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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बारिश - डॉ (सुश्री) शरद सिंह बूंदें गिरती हैं मेरे सिर पर और उलझतीं हुई बालों में सरक जाती हैं धीरे से मेरी गर्दन और कांधों पर क...
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10 September, 2022
कविता | इन दिनों | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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कविता इन दिनों - डॉ (सुश्री) शरद सिंह बादलों का लिहाफ़ ओढ़कर सोता है चांद इन दिनों, घुट रही है चांदनी पहर-दर-पहर। -------...
07 September, 2022
कविता | तुमने तो | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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कविता तुमने तो .... - डॉ (सुश्री) शरद सिंह मुझे पसंद है बारिश में भीगना पर तुमने तो बादल ही सुखा दिए मेरे आसमान के! But...
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03 September, 2022
ग़ज़ल | धूप बारिश की | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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#अर्ज़कियाहै - डॉ (सुश्री) शरद सिंह हार्दिक धन्यवाद #युवाप्रवर्तक यह ग़ज़ल आप इस लिंक पर भी पढ़ सकते हैं - https://yuvapravart...
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25 August, 2022
ग़ज़ल | उसकी यादें | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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ग़ज़ल उसकी यादें - डॉ (सुश्री) शरद सिंह उसकी यादें दरवाज़े पर दस्तक बन टकराती हैं। दिल की चौखट रो पड़ती है, आंखें भर-भर आती हैं। ज़ि...
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