Sharad Singh
मित्रों का स्वागत है - डॉ. (सुश्री) शरद सिंह
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लेखिका शरद सिंह का व्यक्तित्व एवं कृतित्व
डॉ. शरद सिंह सम्मानित
मेरी कुछ ग़ज़लें
वरिष्ठ नागरिकों पर कविताएं
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29 June, 2021
लंबी उम्र की दुआ | कविता | डॉ शरद सिंह
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लम्बी उम्र की दुआ - डॉ शरद सिंह मत दो मुझे लम्बी उम्र की दुआएं क्योंकि- कौंधने लगता है मेरी स्मृति में वह सीरियाई बच्...
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28 June, 2021
इन दिनों | कविता | डॉ शरद सिंह
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इन दिनों - डॉ शरद सिंह मेज पर रखी अपनी हथेली पर देखती हूं ठहरी हुई धूप गोल, चमकीले धब्बे-सी देर तक देखती हूं तो चौंधिया ज...
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27 June, 2021
बेचारा प्रेम | कविता | डॉ शरद सिंह
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बेचारा प्रेम - डॉ शरद सिंह कल रात मैंने सपने में देखा बौखलाया झुंझलाया दिग्भ्रमित प्रेम हर पल बदल रहा था उसका रूप- कभी ...
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26 June, 2021
धर्म और प्रेम | कविता | डॉ शरद सिंह
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धर्म और प्रेम - डॉ शरद सिंह उसके मन ने कहा उससे प्रेम करो किससे इंसान से? नहीं-नहीं लोग क्या कहेंगे... और चुन लिया उसने ...
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25 June, 2021
प्रेम | कविता | डॉ शरद सिंह
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प्रेम - डॉ शरद सिंह उसने सोचा वह जाएगा थैला भर प्रेम ले आएगा सब्ज़ी-भाजी की तरह वह गया जेबें खाली की बाज़ार में, एक-एक टुकड़ा...
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24 June, 2021
है ज़रूरी | कविता | डॉ शरद सिंह
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है ज़रूरी - डॉ शरद सिंह जब कोई भुला दे किसी को तो मानें कि या तो वह ड्रामा कर रहा है भूलने का या फिर उसने कभी याद रखा ह...
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23 June, 2021
इश्क़ बिना | कविता | डॉ शरद सिंह
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इश्क़ बिना - डॉ शरद सिंह पुरानी क़िताब के पन्नों-सी पीली पड़ी यादें अचानक हरियल हो उठीं जब मैंने सोचा अपने कॉलेज के दिनों को...
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