Sharad Singh
मित्रों का स्वागत है - डॉ. (सुश्री) शरद सिंह
पृष्ठ
(Move to ...)
HOME
ABOUT ME
लेखिका शरद सिंह का व्यक्तित्व एवं कृतित्व
डॉ. शरद सिंह सम्मानित
मेरी कुछ ग़ज़लें
वरिष्ठ नागरिकों पर कविताएं
PHOTO
▼
Showing posts with label
डाॅ. शरद सिंह
.
Show all posts
Showing posts with label
डाॅ. शरद सिंह
.
Show all posts
27 March, 2018
मुझे तनहाइयां प्यारी ... - डॉ शरद सिंह
›
Shayari of Dr (Miss) Sharad Singh मुझे तनहाइयां प्यारी ---------------------- मुझे तनहाइयां प्यारी उसे रुसवाइयां ...
किस्से - डॉ शरद सिंह
›
Shayari of Dr (Miss) Sharad Singh किस्से ------ किताबों के पन्नों पे सोते हैं किस्से। पढ़े कोई उनको क्या होते हैं किस्से। भले है...
17 March, 2018
मुझे नहीं .. डॉ शरद सिंह
›
Poetry of Dr (Miss) Sharad Singh मुझे नहीं --------- रात अपनी मरमरी आवाज़ में कुछ कहती है एक नाम लेती रहती है नाम? श्...
24 February, 2018
ज़िंदगी दिखती उदासी आजकल ... डॉ शरद सिंह
›
Shayari of Dr (Miss) Sharad Singh अपने ग़ज़ल संग्रह " पतझड़ में भीग रही लड़की " में प्रकाशित एक ग़ज़ल के कुछ शेर... ज़िंदगी...
3 comments:
19 February, 2018
एक इस्माइली है ख़त अब तो ... डॉ शरद सिंह
›
Shayari of Dr (Miss) Sharad Singh खूब रफ़्तार में हैं सब अब तो एक इस्माइली है ख़त अब तो इश्क़ गोया है एक पैकेज-सा साथ होता है ब्रेक’अप अ...
17 February, 2018
रात एक प्रतीक्षा ... डॉ शरद सिंह
›
Poetry of Dr (Miss) Sharad Singh रात एक प्रतीक्षा ---------------- किसी सूने स्टेशन के प्लेटफार्म में बैठे हुए प्रतीक्षा करना विलम्ब से...
15 February, 2018
उसकी यादों के मकां में ... डॉ शरद सिंह
›
Shayari of Dr (Miss) Sharad Singh उसकी यादों के मकां में है बसेरा अब तो कुछ तो ऐसा हो कि हो जाए वो मेरा अब तो - डॉ शरद सिंह # ...
30 January, 2018
कठिन लगता है ... डॉ शरद सिंह
›
Shayari of Dr (Miss) Sharad Singh किसी को छोड़ कर आना किसी से भी न जुड़ पाना कठिन लगता है अकसर इस तरह का दौर सह पाना - डॉ शरद सिंह ...
25 January, 2018
वज़ह बताना मुश्क़िल है ...... डॉ शरद सिंह
›
Shayari of Dr (Miss) Sharad Singh चार क़िताबें पढ़ कर दुनिया को पढ़ पाना मुश्क़िल है। हर अनजाने को आगे बढ़, गले लगाना मुश्क़िल है। ...
5 comments:
22 January, 2018
वसंत एक फूल ... डॉ शरद सिंह
›
Poetry of Dr (Miss) Sharad Singh वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं ! Happy Vasant Panchami !!! वसंत एक फूल --------------- गुज़रते व...
3 comments:
21 January, 2018
ज़िन्दगी उसी समय... डॉ शरद सिंह
›
Poetry of Dr (Miss) Sharad Singh ज़िन्दगी उसी समय... ---------------------- ख़यालों के प्याले से यादों की कुछ मीठी चु...
20 December, 2017
उड़ना चाहती हूं ... डॉ शरद सिंह
›
Poetry of Dr (Miss) Sharad Singh उड़ना चाहती हूं -------------- उड़ना चाहती हूं ए क पंछी की तरह ख़्वाबों के पंख लगा कर उन्मुक्त...
18 December, 2017
मैंने जो मांगा ... डॉ शरद सिंह
›
Poetry of Dr (Miss) Sharad Singh मैंने जो मांगा ---------------- जाड़े की रात ने सूरज से मांगी एक सुबह घर की दीवारों ने मांगी अल...
10 August, 2016
‘पत्रिका’ समाचार पत्र टाॅक शो ... जेंडर इक्वीलिटी .... डाॅ. शरद सिंह
›
‘पत्रिका’ समाचार पत्र द्वारा एक महत्वपूर्ण ‘टाॅक शो’ आयोजित किया गया जिसमें मैंने और मेरी दीदी डाॅ. वर्षा सिंह ने भी अपने विचार रखे। मु...
›
Home
View web version