Sharad Singh
मित्रों का स्वागत है - डॉ. (सुश्री) शरद सिंह
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लेखिका शरद सिंह का व्यक्तित्व एवं कृतित्व
डॉ. शरद सिंह सम्मानित
मेरी कुछ ग़ज़लें
वरिष्ठ नागरिकों पर कविताएं
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06 September, 2026
कविता | चट्टान पर खिला फूल | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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चट्टान पर खिला फूल - डॉ (सुश्री) शरद सिंह भावनाओं की नींद का अचानक टूटना आंखों का खुल जाना और खुद को पाना एक खुरदुरी चट्टा...
03 September, 2026
कविता | सुबह की चाय संग | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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कविता सुबह की चाय संग - डॉ (सुश्री) शरद सिंह सुबह की चाय संग यादों के बिस्कुट कभी मीठे कभी खारे डुबोते चाय में ...
1 comment:
19 August, 2026
कविता | यह तो बताएगी अगली पीढ़ी | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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कविता... यह तो बताएगी अगली पीढ़ी - डॉ (सुश्री) शरद सिंह कल शाम वह मेरे पास आकर बैठ गई बिल्कुल बाजू में मैंने देखा उसे वह सहम...
18 July, 2026
कविता | रात के इस दूसरे पहर में | डॉ सुश्री शरद सिंह
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कविता रात के इस दूसरे पहर में - डॉ सुश्री शरद सिंह रात के इस दूसरे पहर में अभी-अभी टूटी है नींद पसीने से भीगी देह धड़कनों क...
7 comments:
08 July, 2026
थिगड़े वाली चूनरी | दोहा | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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थिगड़े वाली चूनरी, ओढ़े बैठी हीर। फटे दुशाले में बंधी, रांझे की तक़दीर।। - डॉ (सुश्री) शरद सिंह #दोहा #doha #डॉसुश्रीशरदसिंह
17 June, 2026
वो पर तौल रहा है | डॉ (सुश्री) शरद सिंह | शायरी
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वो पर तौल रहा है आकाश में उड़ने के लिए। किसी और, किसी और, किसी और से जुड़ने के लिए। - डॉ (सुश्री) शरद सिंह #शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश्...
16 June, 2026
कविता | वे बूझ लेते हैं | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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कविता वे बूझ लेते हैं - डॉ (सुश्री) शरद सिंह शब्द टूटते हैं छूटते हैं रूठते हैं फिर मान जाते हैं, क्योंकि वे बूझ ले...
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