Sharad Singh
मित्रों का स्वागत है - डॉ. (सुश्री) शरद सिंह
पृष्ठ
(Move to ...)
HOME
ABOUT ME
लेखिका शरद सिंह का व्यक्तित्व एवं कृतित्व
डॉ. शरद सिंह सम्मानित
मेरी कुछ ग़ज़लें
वरिष्ठ नागरिकों पर कविताएं
PHOTO
▼
13 December, 2024
कविता | गर्मजोशी | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
›
मैंने पूछा धूप से इन दिनों इतनी ठंडी क्यों हो तुम? बिना एक पल गंवाए धूप ने कहा- मित्रों में भी तो गर्मजोशी नहीं बची। - डॉ (स...
01 December, 2024
शायरी | क्या होगा | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
›
अभी तो नींद बाक़ी थी,अभी तो ख़्वाब बाक़ी थे, तुम्हीं जो चल दिए तो सुब्ह के आने से क्या होगा? - डॉ (सुश्री) शरद सिंह #शायरी #डॉसुश्...
22 November, 2024
शायरी | तनहा | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
›
यूं अता की है ज़िंदगी तनहा, मांगने पर दिया नहीं कुछ भी। मिन्नतें की थीं ख़ूब रब तुझसे! वक़्त रहते किया नहीं कुछ भी। - डॉ (सुश्री) श...
14 November, 2024
"सांची कै रए सुनो, रामधई" - डॉ (सुश्री) शरद सिंह नयी बुंदेली गजल संग्रह
›
प्रिय मित्रो, एक ख़ुशख़बरी... मेरा बुंदेली ग़ज़ल संग्रह "सांची कै रए सुनो, रामधई!" प्रकाशित हो गया है...😊 यह बुंदेली का म...
12 November, 2024
शायरी | रास्ते | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
›
ये लम्बे रास्ते थकते नहीं क्यों ? इन्हें मंजिल कभी मिलती नहीं क्यों? - डॉ (सुश्री) शरद सिंह #शायरी #डॉसुश्रीशरदसिंह #DrM...
1 comment:
03 November, 2024
शायरी | भरोसा | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
›
हर भरोसे से भरोसा उठ गया है रोज़ तेरा पैंतरा होता नया है - डॉ (सुश्री) शरद सिंह #शायरी #ग़ज़ल #डॉसुश्रीशरदसिंह #DrMissShara...
1 comment:
31 October, 2024
हम दिवाली के दिए बनकर जलेंगे.. - - डॉ (सुश्री) शरद सिंह
›
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏 घोर तम में भी न हम गुम हो सकेंगे। हम दिवाली के दिए बनकर जलेंगे । हो भले ही छल का जल खारा बहुत ...
‹
›
Home
View web version