Sharad Singh
मित्रों का स्वागत है - डॉ. (सुश्री) शरद सिंह
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लेखिका शरद सिंह का व्यक्तित्व एवं कृतित्व
डॉ. शरद सिंह सम्मानित
मेरी कुछ ग़ज़लें
वरिष्ठ नागरिकों पर कविताएं
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25 August, 2022
ग़ज़ल | उसकी यादें | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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ग़ज़ल उसकी यादें - डॉ (सुश्री) शरद सिंह उसकी यादें दरवाज़े पर दस्तक बन टकराती हैं। दिल की चौखट रो पड़ती है, आंखें भर-भर आती हैं। ज़ि...
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22 August, 2022
मुक्तक | दर्द हमेशा सच्चा है | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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मुक्तक | दर्द हमेशा सच्चा है - डॉ (सुश्री) शरद सिंह कुछ भी ना होने से कुछ दर्दों का होना अच्छा है। प्यार ग़लत हो सकता है पर दर्द...
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20 August, 2022
आज फिर | ग़ज़ल | शायरी | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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एक सांझ ढल गई आज फिर एक आस छल गई आज फिर सूर्य फिर उतर गया पहाड़ से एक रात मिल गई आज फिर - डॉ (सुश्री) शरद सिंह #अर्ज़कियाहै #आजफ...
14 August, 2022
गीत | हर घर तिरंगा | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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प्रस्तुत है आज 14.08.2022 को युवाप्रवर्तक में प्रकाशित मेरा यह गीत.... गीत हर घर तिरंगा - डॉ (सुश्री) शरद सिंह लहराए तिरंगा हर ...
21 July, 2022
ग़ज़ल | हकीक़त से हमने बुनी है कहानी | डॉ (सुश्री) शरद सिंह
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मित्रो, ये है मेरी ग़ज़ल का वह टुकड़ा जो मैंने भारत भवन में अपने वक्तव्य के दौरान सुनाया था... पढ़ी है कहानी, सुनी है कहानी इसी ज़...
11 July, 2022
ग़ज़ल | अश्क़ अपने | डॉ (सुश्री) शरदसिंह
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ग़ज़ल अश्क़ अपने - डॉ (सुश्री) शरद सिंह क्या बताएं, किस तरह, कैसे जिए हैं? टिमटिमाती लौ लिए बुझते दिए हैं। अब न रोएंगे, किया वाद...
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02 July, 2022
ग़ज़ल | प्यार की बातें करो | डाॅ (सुश्री) शरद सिंह
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Ghazal - Nafraton Ke Daur Me .. Dr (Ms) Sharad Singh ग़ज़ल - डाॅ (सुश्री) शरद सिंह नफ़रतों के दौर में मनुहार की बातें करो। एकता की, मित्रता...
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