मित्रों का स्वागत है - डॉ. (सुश्री) शरद सिंह
इस संसार से कुछ मिले न मिले पर एक हमारा अपना हमारा सच्चा है जिसके मिल जाने से फिर किसी दूसरी चीज की जरुरत नहीं रहती । मन मस्त मगन गाए जाआ ।
बहुत बढ़ियाँ
इस संसार से कुछ मिले न मिले पर एक हमारा अपना हमारा सच्चा है जिसके मिल जाने से फिर किसी दूसरी चीज की जरुरत नहीं रहती । मन मस्त मगन गाए जाआ ।
ReplyDeleteबहुत बढ़ियाँ
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