मंगलवार, जून 12, 2018

Life ... Poetry of Dr (Miss) Sharad Singh


Poetry of Dr (Miss) Sharad Singh
ज़िन्दगी
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ज़िन्दगी है एक तुड़े-मुड़े कागज़ की तरह
किन्तु उसे
न तो फेंका जा सकता है
न तो सीधा किया जा सकता है
सिर्फ़़ देखी जा सकती हैं
परस्पर काटती लकीरें
बहुत
बहुत
बहुत सी लकीरें विचारों की तरह
विचार प्यार, जीवन और पाने के अधिकार के।
- डॉ शरद सिंह

Life
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Life is like crumpled paper
But …
Nobody can throw it
Nobody can plain it
Only see the across lines
More...
More...
More lines of thoughts
Thoughts of Love, Life and Lien ...
- Dr Sharad Singh


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#मेरीकविताए_शरदसिंह

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