शुक्रवार, फ़रवरी 02, 2018

आज हमें तो ... डॉ शरद सिंह ... ग़ज़ल

Shayari of Dr (Miss) Sharad Singh

1 टिप्पणी:

  1. जीवन के धरातल समतल मिलना नसीब की बात है
    बहुत सुन्दर

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