शनिवार, नवंबर 25, 2017

जाड़े की रात. .. डॉ शरद सिंह

Winter ... Poetry of Dr Miss Sharad Singh

जाड़े की रात
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कमरे के बाहर
सूनी सी सड़कों पर
टहल रही
जाड़े की रात

बर्फीला सन्नाटा
देह को जमाए

लेकिन है देता
गरमाहट ढेर सी
यादों के कोट में
लगा हुआ
 प्रेम का अस्तर।

- डॉ शरद सिंह

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