गुरुवार, मई 18, 2017

मैं ग़ज़ल की एक किताब हूं ... - डॉ शरद सिंह

लम्बी बहर का एक शेर मेरे ग़ज़ल संग्रह ‘‘पतझड़ में भीग रही लड़की’’ से ....
Shayari of Dr (Miss) Sharad Singh

Few lines (a Sher) from my Ghazal collection (poetry book) "Patajhar men bheeg rahi ladaki" ....

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें