शनिवार, अप्रैल 29, 2017

उदास रहने की आदत मुझे न हो जाए ...- डॉ शरद सिंह

Shayari of Dr (Miss) Sharad Singh
 
खुशी का एक भी लम्हा कहीं न खो जाए
उदास रहने की आदत मुझे न हो जाए
बला की धूप है ख़्वाबों में तो नहीं शिक़वा
ये ग़म की छांह कहीं और जा के सो जाए ... - डॉ शरद सिंह


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