मंगलवार, अप्रैल 25, 2017

जो नहीं है वही लुभाएगा ... - डॉ शरद सिंह

Shayari of Dr (Miss) Sharad Singh

एक तारा था छुप गया है कहीं
रात होने पे नज़र आएगा
ज़िन्दगी में है ये अनूठापन
जो नहीं है वही लुभाएगा ... - डॉ शरद सिंह


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