मंगलवार, फ़रवरी 14, 2017

न जाने क्यूं लगाए आस बैठा है ...

Shayari of Dr (Miss) Sharad Singh
न जाने  क्यूं  लगाए  आस बैठा है  ये पागल दिल
वो आए गर तो हो जाए इसे भी फिर सुकूं हासिल
- डॉ शरद सिंह

#Shayari #SharadSingh

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