शनिवार, अप्रैल 23, 2016

दुनिया से सबको मिलाती क़िताबें .... Happy Book Day

Shayari of Dr (Miss) Sharad Singh on Book Day

1 टिप्पणी:

  1. रूठे हुयों को मनाती किताबे , दूरियाँ भी मिटाती किताबें
    अगर कहीं कुछ बिखरा हुआ है , दुनियाँ को अपना बनाती किताबें

    अच्छा लिखा

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