रविवार, अप्रैल 10, 2016

किसी की याद में सण्डे ...

Ghazal of Dr (Miss) Sharad Singh

1 टिप्पणी:

  1. आज बहुत लम्बे समय के बाद एक बार फिर से मन बनाया है ब्लॉग की इस दुनिया में वापसी का. आपका स्नेह मिलता रहा है. आगे भी मिलता रहेगा यही कामना है। आपकी बहुत सी रचनाएँ पढ़ना बाकी हैं। जल्द ही पढ़ने का प्रयास करूँगा.
    बहुत आभार
    अखिलेश 'कृष्णवंशी '

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