गुरुवार, जुलाई 18, 2013

उसने कल ही तो संवारा था .....


8 टिप्‍पणियां:

  1. खुबसूरत शे'र !
    यादें तो होती ही याद करने को हैं .....

    उनको भुलाना भी ....याद करने का इक बहाना है :-)

    शुक्रिया आपके आने का !

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  2. बहुत ही लाजवाब, शुभकामनाएं.

    रामराम.

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