बुधवार, फ़रवरी 13, 2013

वासंती मनुहार को ....


8 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर प्यार मनुहार और करार....
    जैसे बसंती बयार...

    सादर
    अनु

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  2. बहुत सुन्दर बसंती रंग में रंगी प्रेम का अहसास लिए
    सुन्दर रचना..
    :-)

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  3. वा वाह ...
    क्या सादगी से सब कुछ कह दिया....
    बधाई इस प्रवाह के लिए !

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  4. जी.... रंग कोई भी हो..... वह बना ही लेता है अपना सा.......

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