मंगलवार, अगस्त 21, 2012

तेरी याद ही मेरी आस है.....


11 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी रचना पढ़ते पढ़ते एक शेर बन गया,हाज़िर है:-
    सोचा कि तुझको आज बतादें ख़ुदा क़सम.
    तुझसे हसीन हैं तेरी यादें ख़ुदा क़सम.

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  2. बहुत सुंदर ...

    तेरी याद ही प्यास है
    तेरी याद ही एहसास है

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  3. ऐसी यादें ही जीवन भी होती हैं ... बहुत खूब ...

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  4. बहुत सुंदर...
    आँखों में याद समाए यह बाला भी किसी की यादों में बसी होगी

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  5. याद ना जाए...बीते दिनों की...बहुत खूब...

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